
दतिया मंदिर, जिसे मुख्य रूप से श्री पीतांबरा पीठ के नाम से जाना जाता है, मध्य प्रदेश के दतिया शहर में स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहाँ बगलामुखी माता (पीतांबरा देवी) और धूमावती माता के मंदिर हैं; यह मंदिर तंत्र-मंत्र साधना के लिए महत्वपूर्ण है और ऐतिहासिक रूप से 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा कराए गए यज्ञ के लिए भी जाना जाता है, जब चीन ने आक्रमण रोक दिया था.
मुख्य बातें:
देवी: बगलामुखी माता (पीतांबरा देवी) और धूमावती माता.
स्थापना: 1935 में स्वामी जी महाराज द्वारा.
महत्व: शत्रु नाश, वाक-सिद्धि और तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध.
ऐतिहासिक घटना: 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान यहाँ एक महायज्ञ हुआ, जिसके बाद चीन ने सेना हटा ली.
अन्य मंदिर: परिसर में महाभारत काल का वनखंडेश्वर शिव मंदिर भी है.
स्थान: दतिया, मध्य प्रदेश (ग्वालियर से लगभग 75 किमी और झांसी से 29 किमी).
दर्शन और नियम:
नवरात्रि के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
मंदिर परिसर के अंदर फोटो खींचना या वीडियो बनाना मना है.
भक्त पीले वस्त्र और पीले फूल चढ़ाते हैं.
भंडारा (भोजन सेवा) भी उपलब्ध है, जहाँ ₹10 में भरपेट भोजन मिलता है.
